इटावा। महेरा चुंगी चौराहा के पास एक नर्सिंग होम में ऑपरेशन से प्रसव के बाद मंगलवार सुबह प्रसूता की मौत हो गई। मौत से आक्रोशित परिजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए समय से पहले जन्मे जुड़वा बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भरथना के ककराई गांव निवासी शालू (30) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को नर्सिंग होम में भर्ती किया गया था। उसकी गर्भावस्था करीब सात माह 15 दिन की थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया, जिससे एक बेटा और एक बेटी का जन्म हुआ। दोनों बच्चे समय से पहले पैदा होने के कारण बेहद कमजोर थे। पति जितेंद्र ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर ने दो इंजेक्शन के लिए 80 हजार रुपये मांगे, जबकि ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। उन्होंने रिश्तेदार से उधार लेकर रुपये दिए, लेकिन शालू की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद नर्सिंग होम का स्टाफ अस्पताल बंद कर मौके से भाग गया। उन्होंने नर्सिंग होम के संचालन और पंजीकरण को लेकर भी सवाल उठाए। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि परिजन की तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी आगे की कार्रवाई होगी।

जितेंद्र ने बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। उसकी शादी के बाद करीब पांच साल पहले बेटी ईशू का जन्म हुआ था। इसके बाद से वह और उसकी पत्नी शालू परिवार बढ़ने की उम्मीद लगाए हुए थे। पांच साल बाद शालू गर्भवती हुई तो पूरे परिवार में खुशियां लौट आई थीं। गर्भावस्था के दौरान परिवार के लोग आने वाले बच्चों को लेकर काफी उत्साहित थे। शालू की डिलीवरी नजदीक आने पर परिजन उसकी देखभाल में जुटे थे। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद एक बेटा और एक बेटी के जन्म की जानकारी दी तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पांच साल बाद एक साथ दो बच्चों के जन्म से घर में उत्सव जैसा माहौल हो गया था। परिवार के लोगों ने बच्चों के आने की खुशियां मनाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद शालू की मौत की खबर मिलते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। पत्नी की मौत का दुख है तो दूसरी ओर समय से पहले जन्मे दोनों बच्चों की चिंता सता रही है।

प्रसूता की मौत की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। डिप्टी सीएमओ डॉ. बलराज सिंह और रजिस्ट्रेशन के नोडल अधिकारी डॉ. अमित दीक्षित ने मंगलवार को महेरा चुंगी स्थित शीतला देवी नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। टीम को नर्सिंग होम बंद मिला। डॉ. अमित दीक्षित ने बताया कि नर्सिंग होम संचालक की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया था। पूर्व में निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रपत्रों और डॉक्टरों के पैनल में कई कमियां मिली थीं। इस वजह से रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। वहीं, अब संचालक को तीन दिन का समय दिया गया है। निरीक्षण के दौरान यदि संचालक की ओर से आवश्यक प्रपत्र प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रसूता की मौत के मामले में भी उपलब्ध अभिलेखों और उपचार संबंधी तथ्यों की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।



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