इटावा। जीआईसी गेट के सामने मंगलवार शाम बाइक सवार तीन बदमाश 11वीं की छात्रा का मोबाइल लूटकर भाग निकले। छात्रा के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि सूचना देने के लिए कई बार फोन करने के बावजूद पुलिस से संपर्क नहीं हो सका। बाद में एसएसपी को जानकारी देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
गांधीनगर निवासी एलआईसी एजेंट चंद्रवीर सिंह की बेटी आराध्या कोचिंग से घर लौट रही थी। शाम करीब 7 बजे बलराम सिंह चौराहे से पैदल चलते हुए वह जीआईसी गेट के सामने पहुंची। इसी दौरान पीछे से आए तीन युवकों ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। बदमाश तेज गति से बाइक पर सवार होकर मौके से भाग गए। घबराई छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिजनों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। डायल 112 पर भी फोन करने का प्रयास विफल रहा। पुलिस से संपर्क न होने पर चंद्रवीर सिंह ने पुलिस अधीक्षक को घटना की सूचना दी। पुलिस अधीक्षक को जानकारी देने के बाद सिविल लाइन पुलिस से बात कराई गई। आरोप है कि पुलिस करीब 30 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची, जबकि थाना एक किलोमीटर दूर है।
पुलिस के देर से पहुंचने पर परिजनों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। मौके पर पहुंचे अधिवक्ता अश्वनी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा के दावों के बावजूद छात्रा को पुलिस का इंतजार करना पड़ा। अश्वनी सिंह ने पूछा कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती तो जिम्मेदारी किसकी होती।
प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बदमाशों की पहचान करने का प्रयास लगातार जारी है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा कर रही है।
