इटावा। जिला अस्पताल की सीटी स्कैन में हुई जांच में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक महिला ने पित्त की थैली में संक्रमण फैलने पर छह साल पहले उसे ऑपरेशन कराकर निकलवा दिया था। एक सप्ताह पहले पेट में गैस व दर्द की शिकायत होने पर वह अस्पताल में दवा लेने पहुंची। सर्जन ने महिला की शिकायत पर सीटी स्कैन की जांच लिख दी। इसकी जब जांच रिपोर्ट आई तो महिला की पित्त की थैली में 5 से 10 एमएम की पथरी दिखा दी। इससे महिला मरीज समेत डॉक्टर चौंक गए। अब डॉक्टर ने महिला मरीज को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के मकसूदपुरा निवासी अदनान ने बताया कि मां रहनुमा (42) की पित्त की थैली में छह साल पहले संक्रमण हो गया था। डॉक्टर की सलाह पर फिरोजाबाद में ऑपरेशन करवाकर पित्त की थैली को निकाल दी थी। इसके बाद कोई दिक्कत नहीं हुई। अदनान ने बताया कि 17 अक्तूबर को मां के पेट गैस व दर्द की शिकायत हुई। इस पर उन्हें जिला अस्पताल में दिखाने पहुंचे। सर्जन डॉ. अनूप शर्मा ने दवा के साथ सीटी स्कैन की जांच लिख दी।

परिजन ने रहनुमा की सीटी स्कैन की जब जांच करवाई। कुछ घंटे बाद जब परिजन को जांच रिपोर्ट दी गई। जांच रिपोर्ट में दिखाया गया कि रहनुमा की पित्त की थैली में पांच से 10 एमएम की पथरी है। अदनान ने बताया कि डॉक्टर को जब यह पूरी बात बताई और जांच रिपोर्ट दिखाई तो वह भी चौंक गए। उन्होंने परिजन से जांच रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। इस रिपोर्ट के बाद परिवार परेशान है।

वह जांच रिपोर्ट लेकर कभी जिला अस्पताल तो कभी निजी डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं। सर्जन डॉ. अनूप शर्मा ने बताया कि अगर महिला की पित्त की थैली निकल चुकी है, तो इसमें पथरी होने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने रिपोर्ट बदलने की बात कही है। उन्होंने दोबारा मरीज को देखकर जांच करवाने की बात कही।

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ऑपरेशन के बाद पित्त की थैली में पथरी दिखना आम बात नहीं है। हां, यह जरूर संभव है कि ऑपरेशन के दौरान कुछ हिस्सा रह गया हो, इससे दिक्कत बढ़ सकती है। जांच रिपोर्ट देखकर कुछ कहा सकता है।

-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।



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