इटावा/जसवंतनगर। ग्राम बनकटी बुजुर्ग स्थित गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा छह के पांच बच्चों का प्रवेश नहीं लिया जा रहा था। बुधवार को डीआईओएस अतुल कुमार सिंह ने विद्यालय पहुंचकर पांच छात्रों का प्रवेश कराया। उन्होंने अभिभावकों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अभिभावकों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से शिकायत की थी, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने डीआईओएस को निर्देश दिए। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
निरीक्षण के दौरान जूनियर हाईस्कूल के चारों शिक्षक उपस्थित मिले, जबकि हाईस्कूल के शिक्षक और प्रधानाचार्य अनुपस्थित थे। प्रबंधक प्रतिनिधि ने प्रधानाचार्य के अस्वस्थ होने की जानकारी दी। लक्ष्मी देवी, शालिनी, अम्बिका, पल्लवी और वंश परिहार का प्रवेश डीआईओएस की मौजूदगी में पूरा हुआ। तीन बच्चों ने मूल टीसी दी, दो की टीसी प्रधानाचार्य के पास जमा होने का साक्ष्य मिला।
विद्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रबंध तंत्र पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। उनका कहना है कि विद्यालय को बदहाल कर जमीन पर कब्जा हो रहा है। सिपाही राम ने बताया कि उनके बाबा रतिराम शाक्य ने करीब 45 बीघा जमीन विद्यालय को दान दी थी। इसमें पांच बीघा में भवन है, जबकि 40 बीघा जमीन बटाई पर दी जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे करीब ढाई लाख रुपये सालाना आय होती है। आरोप है कि जमीन को बंजर दिखाकर रखरखाव पर पर्याप्त धन खर्च नहीं हो रहा। ग्रामीण विजय त्रिपाठी, हरिओम शाक्य, भागीरथ शंखवार, वृंदावन शाक्य और श्याम सुंदर परिहार ने विद्यालय की जमीन और आय की जांच कराने की मांग की।
वर्जन
पांचों बच्चों का प्रवेश करा दिया गया है। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए जमीन संबंधी आरोपों की जांच पूर्व में जेडी कानपुर स्तर से हो चुकी है, जिसमें आरोप सिद्ध नहीं हुए थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय के जूनियर हाईस्कूल स्तर पर चार शिक्षक कार्यरत हैं।
अतुल कुमार सिंह, डीआईओएस
