इटावा। दहेज में बाइक की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के मामले में शुक्रवार को अदालत ने पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजे एफटीसी-प्रथम कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

बलरई थाना क्षेत्र के कछपुरा गांव निवासी किशन सिंह ने सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बेटी पूनम की शादी पांच जून 2015 को सराय दयानत निवासी मुन्नेश के साथ हुई थी। ससुराली अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर बेटी का उत्पीड़न करते थे। आरोप था कि बाद में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में पति मुन्नेश, ससुर जसवंत सिंह, सास भूरी देवी उर्फ ओमवती और ननद पूनम व दिनेश के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान ननद पूनम और दिनेश की नामजदगी गलत पाई गई।

पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले में तत्कालीन सीओ सिटी ने साक्ष्य संकलित किए। शुक्रवार को अदालत ने पति मुन्नेश बाबू और सास भूरी देवी उर्फ ओमवती को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।



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