इटावा। नवीन मंडी स्थल में धान की आवक शुरू होने से इटावा-बरेली हाईवे पर जाम की समस्या होती है। जाम की आशंका को देखते हुए मंडी समिति ने किसानों और व्यापारियों के लिए प्रवेश-निकासी का समय तय कर दिया है। सात अक्तूबर से किसानों को धान लेकर मंडी में सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी।

मंडी समिति के प्रभारी सचिव शिवाशीष सिंह ने बताया कि शाम पांच बजे के बाद सुबह चार बजे तक मंडी से धान की निकासी की जा सकेगी। तय समय के बाद धान लेकर आने वाले किसानों को मंडी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंडी समिति की 30 सितंबर को हुई बैठक में किसान, व्यापारी और संबंधित अधिकारियों की सहमति से यह व्यवस्था तय की गई।

जाम से बचने के लिए मंडी परिसर में खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खड़ा करने की व्यवस्था भी की जाएगी। सब्जी और अनाज खंड के बीच खाली स्थान को इसके लिए चिह्नित किया गया है। सुरक्षा गार्ड, मंडी निरीक्षक और सह प्रभारियों की निगरानी में वाहनों को वहां खड़ा कराया जाएगा। मंडी के प्रवेश और निकास गेट सहित पूरे परिसर में लाउडस्पीकर और जनसूचना के माध्यम से प्रवेश-निकासी के समय की घोषणा कराई जाएगी। इससे किसानों और वाहन चालकों को निर्धारित व्यवस्था की जानकारी मिल सकेगी।

निकास गेट के पास पुलिस चौकी के समीप निष्प्रयोज्य सड़क पर खड़े वाहनों को हटाने के लिए पुलिस चौकी प्रभारी को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी समिति का मानना है कि इससे निकास मार्ग पर वाहनों की भीड़ कम होगी। मंडी में किसानों के लिए पेयजल और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषक विश्राम गृह में किसानों के ठहरने की व्यवस्था भी कराई जाएगी।

वहीं खाली नीलामी चबूतरों को किसानों की उपज रखने और नीलामी के माध्यम से बेचने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। मंडी परिसर में लोडिंग वाहनों को धीरे-धीरे और क्रमवार प्रवेश कराया जाएगा। प्रवेश और निकास गेट पर तैनात कर्मचारी इस व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही पूरे मंडी परिसर की सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।



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