जसवंतनगर। आगरा और इटावा के ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग और लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग इस समय बदहाली का शिकार है। तिजोरा गांव के चौराहे से बीबामऊ होते हुए नगला रामजीत के रास्ते मैनपुरी जिले के मीठेपुर तक जाने वाले करीब चार से पांच किमी लंबे मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और सड़क पर बिखरी गिट्टी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। हालत यह है कि सड़क पर गड्ढों के बीच रास्ता तलाशकर निकलना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढामुक्त सड़क बनाने के दावों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का इस मार्ग की ओर ध्यान नहीं है। यह मार्ग आगरा जिले की बाह तहसील और जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा गांवों के साथ इटावा जिले के बाऊथ, खंदिया, फकीरे की मड़ैया, तुलसी नगर, यादव नगर, तिजोरा, नगला विशुन, नगला सलहदी और अजबपुर सहित अन्य गांवों के लोगों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा से ग्रामीणों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गड्ढों के कारण हादसों का खतरा
ग्राम महामई निवासी घनश्याम ने बताया कि वह खेतों की सिंचाई के लिए बाइक पर डीजल लेकर जा रहे थे। नगला रामजीत से पहले बाइक का पहिया गड्ढे में चला गया। सड़क पर बिखरी गिट्टी के कारण बाइक फिसलकर पलट गई। हादसे में उनका डीजल फैल गया और उन्हें चोट भी आई।
नगला रामजीत निवासी विनय कुमार ने बताया कि उनके बच्चे प्रतिदिन इसी रास्ते से साइकिल से स्कूल जाते हैं। गड्ढों के कारण उनके गिरकर चोटिल होने का डर बना रहता है।
राजमार्ग से बीबामऊ गांव तक करीब दो किमी सड़क के नए निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। वहीं, बीबामऊ से तिजोरा चौराहे तक सड़क पर पैचवर्क कराया जाएगा।
-अभिषेक कुमार, जेई प्रांतीय खंड

फोटो: 22 तिजोरा चौराहे से बीबामऊ लिंक रोड पर हुए गड्ढे। संवाद

फोटो: 22 तिजोरा चौराहे से बीबामऊ लिंक रोड पर हुए गड्ढे। संवाद
