चकरनगर। हनुमंतपुरा कस्बे में प्रस्तावित नाले को निर्माण एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका है। जिला पंचायत निधि से पिछले वर्ष जुलाई में 21.16 लाख का बजट स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण अधर में है। विभागीय अधिकारियों के लचीलेपन के कारण कार्य रुका हुआ है। विभाग ने ठेकेदार को दो नोटिस जारी किए हैं, पर काम शुरू नहीं हुआ।
कस्बे से हनुमंतपुरा तालाब तक नाले का निर्माण होना है। अधिकारियों ने देरी पर ठेकेदार से एक फीसदी वसूली की बात कही है। वहीं, कस्बावासियों का कहना है कि जुर्माने से नहीं, नाला बनने से ही राहत मिलेगी। बुधवार रात से गुरुवार तक हुई बारिश के बाद ओझा मोहल्ले में जलभराव हो गया। सड़कों और खाली प्लॉटों में पानी भर गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश भदौरिया, प्रदीप दुबे, बंटी पोरवाल, रमेशचंद्र, प्रमोद, धर्मेंद्र ओझा, ज्ञानप्रकाश आदि ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
कस्बा निवासी सत्यवती ने बताया कि नाले का पानी भरने से रास्ता बंद हो गया है। पानी के बीच से निकलकर पशुओं को चारा खिलाने जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार समस्या की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
किराना व्यापारी देवेंद्र दुबे ने कहा कि नाला न होने से बारिश होते ही कस्बे में जलभराव हो जाता है। घरों से निकलने वाला पानी भी सड़क पर जमा रहता है। कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ठेकेदार को एक नोटिस अप्रैल में और एक जुलाई को दिया गया था। देरी होने पर एक प्रतिशत वसूली की जाएगी। अगर अगले सप्ताह तक कार्य शुरू नहीं हुआ तो दूसरी फर्म से कार्य कराया जाएगा। – रोहित कुमार, जेई जिला पंचायत विभाग
