भरथना (इटावा)। कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदेठी में सफाई कर्मचारी ने 15 अगस्त की रात पत्नी और सास की चाकू और दरांती से गला रेतकर हत्या कर दी। सोमवार की सुबह दूधिया को खून से लतपथ दोनों के शव घर में पड़े मिले। पुलिस के अनुसार पत्नी को तलाक देने के बाद भरण पोषण दिए जाने के कोर्ट के आदेश से नाराज होकर आरोपी ने अपने साले से मिलकर ससुराल पहुंचकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शाम को साम्हो रोड पर मुठभेड़ में साले को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के घटना कबूलने के बाद पुलिस अब मुख्य आरोपी पति की तलाश कर रही है।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में बताया कि सोमवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे भरथना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि चंदेठी गांव में पुष्पा देवी (55) और उनकी विवाहिता बेटी निर्मला उर्फ मंजू (38) की हत्या हो गई है और उनके शव घर में पड़े हैं। इस पर थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम ने जाकर जांच शुरू की। पता चला कि निर्मला का ससुरालियों से विवाद चल रहा है। इस वजह से वह करीब चार साल से मायके में ही रह रही थी। पिता सुरेश चंद्र, छोटा भाई अर्पित नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। वहीं बड़ा भाई नंदकिशोर पुणे में नौकरी करता है। घर में मां-बेटी अकेली रहती थीं। निर्मला ने घरेलू हिंसा और भरण पोषण के लिए कोर्ट में केस कर रखा था। कोर्ट ने तीन अगस्त को आरोपी पति सतेंद्र उर्फ करिया निवासी ग्राम मिधिया, थाना किशनी, मैनपुरी को सात हजार रुपये हर माह निर्मला को भरण पोषण के लिए दिए जाने के आदेश दिए थे। साथ ही अन्य सालों का हरजाना करीब तीन लाख रुपये का भी भुगतान करने के आदेश दिए थे। सतेंद्र वर्तमान में अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक में सफाई कर्मचारी है।
पुलिस की पूछताछ में मृतका के पिता और भाइयों ने 13 अगस्त को कचहरी में हुई तारीख के बाद आरोपियों द्वारा धमकी देने की बात बताई तो पुलिस ने छानबीन शुरू की। उधर, ग्रामीणों ने 15 अगस्त को एक लाल स्कूटी से युवक के आने की बात बताई। इस पर छोटे भाई अर्पित की तहरीर पर पति के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करके आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए। इनमें 15 को निर्मला के घर आने वाले व्यक्ति की पहचान युवक मुकेश (42) निवासी ग्राम नगला तुला थाना कुर्रा जनपद मैनपुरी के रूप में हुई, जो निर्मला का दूर का रिश्ते का भाई निकला। सर्विलांस, एसओजी और थाना पुलिस को सोमवार शाम को सूचना मिली कि सीसीटीवी में दिखा आरोपी मुकेश यादव जारपुरा से साम्हो की ओर जा रहा है। इस पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी मुकेश के दाहिने पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने बताया कि आरोपी मुकेश का 10 साल पहले सेना से कोर्ट मार्शल किया गया था। इस पर सरकारी ट्रैक्टर चोरी का आरोप था। अभी यह अपने गांव में ही एक व्यक्ति ट्रैक्टर चलाता था।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी मुकेश ने पूछताछ में बताया कि 13 अगस्त को कचहरी में उसकी मुलाकात निर्मला के पति सतेंद्र उर्फ करिया से हुई थी। यहां मिलने के बाद सतेंद्र उससे फोन पर बात करने लगा था और दोस्ती कर ली थी। उसने बताया कि सतेंद्र अपनी सास से बहुत चिढ़ता है, क्योंकि सास की वजह से ही पत्नी उसका घर छोड़कर गई और अब भरण पोषण भी ले रही है। बताया कि उसे पता चला था कि 20 अगस्त को निर्मला कोर्ट में अर्जी देकर हरजाने के तीन लाख रुपये देने के लिए पति के खिलाफ वारंट जारी कराने वाली थी। इससे सतेंद्र तिलमिला उठा था। उसने रुपये देने का लालच देकर मुकेश को पत्नी और सास की हत्या करने के षड्यंत्र में शामिल कर लिया था। 15 अगस्त को षड्यंत्र के तहत मुकेश निर्मला के घर पर तीन छोटी कोल्ड डि्रंक लेकर गया था। इसमें से दो में मुकेश ने नशे की गोलियां मिला दी थीं। चूंकि निर्मला का रिश्ते में मुकेश भाई था, इसलिए भरोसे में उन्होंने कोल्ड डि्रंक पी ली थी। कुछ ही समय में उनके बेहोश होते ही मुकेश ने फोन करके सतेंद्र को बुला लिया। सतेंद्र कुछ दुपट्टे और एक चाकू लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर पीछे वाले दरवाजे से होकर घर में घुस आया। इसके बाद बाहर के कमरे में बेहोश लेटी सास पुष्पा देवी के दुपट्टे से हाथ-पैर बांधकर उसका चाकू से गला रेत दिया। इसके बाद दरांती से बरामदे में बेड पर लेटी पत्नी का गला रेतने का प्रयास किया। बेसुध निर्मला ने बचने का प्रयास भी किया, लेकिन वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी और सतेंद्र ने दरांती से उसका गला रेत दिया। इसके बाद आरोपी मुकेश को ढाई लाख रुपये देकर सतेंद्र ने उसे फरारी काटने और जल्द फिर खुद उसके पास आने की बात कही थी। पुलिस ने मुकेश के पास से 2.31 लाख रुपये, लाल स्कूटी व एक तमंचा बरामद किया है। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
