इटावा। मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए रविवार को जनपद स्तरीय मिलेट्स महोत्सव एवं मेले का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के 35 स्टॉल लगाए गए और करीब एक हजार किसानों ने प्रतिभाग किया।
इस दौरान 40 किसानों को कृषि यंत्रों की चाबी, प्रमाणपत्र और बीज मिनीकिट वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने मिलेट्स उत्पादन करने वाली प्रगतिशील महिला किसान मंत्रवती का उदाहरण दिया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती के बजाय प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील की। सभी भू-धारक किसानों से किसान पंजीकरण कराने को भी कहा गया।
इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी और मोबाइल के साथ जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण कराने की जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह ने कम लागत और कम पानी में तैयार होने वाली रागी, बाजरा, कोदो, सांवा, चना, मटर और जौ जैसी फसलों की खेती पर जोर दिया।
उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडेय ने किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र के प्रयोग के बारे में बताया। उन्होंने पराली न जलाने की अपील करते हुए कहा कि ऐसा करने पर पांच हजार से 30 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह ने मृदा परीक्षण, जल संरक्षण और उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह ने आलू किसानों को कोल्ड भाड़ा अनुदान योजना के बारे में बताया।

