ताखा। दीपावली पर भरतिया में एक मकान से 300 लीटर सरसों का तेल और 600 लीटर सोया रिफाइंड बरामद होने के बाद क्षेत्र में मिलावटी तेल के कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि मैनपुरी जनपद और बेवर कस्बे से ऊसराहार व ताखा क्षेत्र में सस्ते तेल की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, आपूर्ति के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। सस्ते तेल के लालच में ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ के साथ शुद्ध तेल बेचने वाले दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय बाजार में शुद्ध सरसों का तेल करीब 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि कथित मिलावटी तेल 150 से 160 रुपये प्रति किलो तक उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। कीमत में 40 से 50 रुपये के अंतर के चलते कुछ दुकानदार अधिक मुनाफे के लालच में सस्ता तेल खरीदकर उसे शुद्ध सरसों के तेल के नाम पर बेच सकते हैं। जानकारों के मुताबिक सरसों के तेल में ब्राउन राइस ऑयल और पाम ऑयल मिलाए जाने की आशंका है। हालांकि, बरामद तेल में किस तरह की मिलावट है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
भरतिया में छापेमारी के दौरान तेल की कैन गंदगी के बीच रखी मिली थीं। भंडारण स्थल पर सफाई और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया था। एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि तेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, खाद्य पदार्थों के भंडारण में मानकों की अनदेखी पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। तेल की खरीद-बिक्री में दुकानदारों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अभियान लगातार जारी रहेगा और नकली पनीर व छेना बेचने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

