इटावा। मौसम में बीते दो दिनों से आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हल्की बूंदाबांदी और तेज हवा के चलते खेतों में पक कर तैयार खड़ी धान की फसल बिछ गई है। वहीं बाजरे की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। फसल गिरने से किसानों के सामने कटाई और उपज समेटने की चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि फसल पकने के समय मौसम की करवट से उनकी मेहनत प्रभावित हुई है। उधर, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय कोहरा और धुंध छाए रहने की संभावना जताई है।
एक नवंबर को जिले में न्यूनतम तापमान 17 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह कोहरे या धुंध के बाद मौसम साफ होने की संभावना है। दो नवंबर से आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री कम, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा। तीन से पांच नवंबर तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। फिलहाल मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि मौसम साफ रहेगा, जिससे जल्द से जल्द फसल की कटाई कर उपज को सुरक्षित किया जा सकेगा।