इटावा। बदलते मौसम के साथ लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। साइनोसाइटिस संक्रमण तेजी से बढ़ा है। जिला अस्पताल में मरीजों की सीटी स्कैन जांच में इसकी पुष्टि हुई है। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी है।

शुक्रवार को सुबह से जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई। सुबह आठ बजे ही लोग पर्चा बनवाने को लाइन में लग गए। दोपहर एक बजे तक 1233 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। इसमें सबसे अधिक 383 मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि से पीड़ित मिले। बुलाकीपुर लुहन्ना निवासी श्याम सिंह पिछले पांच दिनों से सर्दी, खांसी, नजला की शिकायत थी।

जिला अस्पताल में डॉ. सौरभ यादव को दिखाया। उन्होंने दवाओं के साथ सीटी स्कैन कराने का सुझाव दिया। जसवंतनगर निवासी रामबेटी ने बताया कि बेटी आरती को तीन दिनों से सर्दी के साथ खांसी आ रही है। डॉक्टर के सुझाव पर जब जांच करवाई तो साइनोसाइटिस के लक्षण मिले हैं। उन्होंने बताया कि इससे मरीज में सूंघने की क्षमता कम हो जाती है।

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सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

साइनस रोग सामान्य समस्या है लेकिन साइनोसाइटिस गंभीरता का लक्षण है। डॉक्टरों के मुताबिक तेज बुखार, नजर धुंधली हो, चेहरे पर दर्द होने लगे, सूजन, गाढ़ा या दुर्गंध वाला बलगम निकले और सांस लेने पर माथे और नाक में दर्द होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अगर समय पर इलाज न हो तो संक्रमण से गर्दन में अकड़न की समस्या हो सकती है।

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साइनोसाइटिस होने का प्रमुख कारण

फिजीशियन डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि साइनोसाइटिस शुष्क, ठंडी हवा के इस्तेमाल से नाक के श्लेष्म झिल्ली से नमी खत्म हो जाती है। बलगम सूखकर जमा होने लगता है। इससे नाक के रास्तों में सूजन और बलगम जमाव की वजह बनता है।

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बीमारी से बचने को इन बातों का रखें ध्यान—

-धुंध या धूल, धुएं युक्त वातावरण में मास्क जरूर लगाएं।

-पैकेज्ड फूड से बचें। घर पर संतुलित आहार लें।

-पालतू जानवर की रूसी से बचें।

-पर्याप्त नींद, भाप लें, विटामिन सी युक्त आहार खाएं।

-अदरक व लहसुन की कली खाएं, नमक-पानी का गरारा करें।

-दुग्ध उत्पाद सेवन कम से कम करें।

-बेहद ठंडे खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन कतई न करें।



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