क्रॉसर
-पीड़ित की शिकायत पर समाज कल्याण राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
-पत्र में डिप्टी सीएमओ के निलंबित न किए व एसपी से सुरक्षा दिए जाने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने डिप्टी सीएमओ व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव के दो माह से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद भी निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई। इसके साथ ही जीरो टॉलरेंस के तहत डिप्टी सीएमओ की परिसंपत्ति की जांच करा ली जाए।
समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने डिप्टी सीएमओ व व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। इसमें ऊसराहार निवासी नवीन कठेरिया की शिकायत का हवाला देते हुए लिखा है। डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव को 10 जून को विजिलेंस टीम ने उनके कार्यालय से 55 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस दौरान वह करीब 70 दिनों तक कानपुर नगर जेल में बंद रहे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें निलंबित नहीं किया। उन्होंने डिप्टी सीएमओ से अनुरोध किया कि इस मामले में कौन दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 15 सालों से इटावा में तैनात डॉ. श्रीनिवास यादव की अवैध संपत्तियों की गहनता से जांच करने की मांग उठाई है। साथ ही भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने वाले पीड़ित नवीन कुमार को व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम के तहत तत्काल सुरक्षा मुहैया कराए जाने की कही है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने इस पत्र की प्रतिलिपि सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ के निदेशक व एसएसपी इटावा को भी है। बता दें कि विजिलेंस टीम ने डिप्टी सीएमओ को नवीन कुमार की शिकायत पर 55 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही उन्हें जेल भेज दिया था। विजिलेंस टीम के 60 दिनों के अंदर शासन से चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति नहीं ले सकी। इसकी वजह से कोर्ट ने डिफॉल्ट बेल के तहत डिप्टी सीएमओ की जमानत मंजूर कर उन्हें रिहा कर दिया था। उनकी जमानत होने के बाद ही पीड़ित ने न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री जनता दरबार, लोकायुक्त, समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण समेत कई अफसरों को पत्र लिखकर जांच करवाने की गुहार लगाई थी।
