Cooperative society offices locked for 13 days; farmers from 80 villages left struggling to find fertilizer.

फोटो 28:: चकरनगर की बंसरी समिति पर लगा ताला। संवाद

चकरनगर। बीहड़ क्षेत्र चकरनगर में खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सचिवों की हड़ताल के चलते ब्लॉक की चार साधन सहकारी समितियों पर करीब 13 दिन से ताले लगे हैं। इससे 80 गांवों के किसान डीएपी और यूरिया के लिए भटक रहे हैं। गेहूं की बोआई नजदीक होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।


ब्लॉक की टिटावली, भरेह, बरेछा और कार्यावली सहकारी समितियों पर खाद वितरण ठप है। किसान खाद के लिए रोजाना 20 से 30 किमी का चक्कर लगा रहे हैं। खेतों में पलेवा के बाद बोआई की तैयारी कर रहे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। पिपरौली गढ़िया निवासी किसान बीरबल सिंह परिहार ने बताया कि सरसों की बोआई के लिए खाद लेने को 10 दिन तक भटकते रहे।

इस दौरान खेत की नमी खत्म हो गई और दस बीघा में बोया गया सरसों का बीज अंकुरित नहीं हुआ। अब दोबारा पानी लगा रहे हैं। इसके बाद भी अंकुरण नहीं हुआ तो गेहूं की बोआई करेंगे। बंसरी निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि खेत में पलेवा हो चुका है, लेकिन समिति पर ताला लगा होने से खाद नहीं मिल रही। समय पर खाद नहीं मिली तो गेहूं की बोआई प्रभावित होगी।

एआर कॉपरेटिव कमलेश नारायण वर्मा ने बताया कि हड़ताल खत्म हो गई है सब लोग लौट रहे हैं इसके बाद सभी समिति पर खाद वितरण किया जाएगा।

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एसडीएम ने संभाली खाद वितरण की कमान

ताखा। खाद के लिए केंद्रों पर किसानों की उमड़ रही भीड़ को देखते हुए मंगलवार को एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने किसान सहकारी संघ ताखा, सहकारी समिति ताखा और राजकीय बीज भंडार सरसईनावर का निरीक्षण कर अपनी मौजूदगी में किसानों को कतारबद्ध कराकर खाद वितरित कराई। केंद्र सचिव सुरजीत सिंह ने बताया कि ताखा के दोनों केंद्रों पर सोमवार को 900 बोरी डीएपी का वितरण किया गया था। एसडीएम ने बताया कि सोमवार को सभी केंद्रों पर करीब 1300 बोरी डीएपी वितरित हुई थी। (संवाद)



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