लवेदी। बैंक के 30 लाख रुपये के कर्ज और पारिवारिक तनाव से परेशान युवक ने रविवार शाम मकान की बैठक में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कारोबार में नुकसान के बाद वह करीब दो साल से मानसिक तनाव में था। बैंक की ओर से लगातार कर्ज की रकम जमा करने के लिए संपर्क किए जाने और पत्नी से विवाद के चलते भी वह परेशान चल रहा था। घटना के समय बच्चे बाहर खेल रहे थे। अंदर पहुंचे भतीजे ने चाचा को फंदे से लटका देखा तो मां को जानकारी दी। इसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

नवादा खुर्द कला निवासी संदीप (30) के पिता हनुमंत सिंह और मां दूसरे मकान में रहते हैं। उसका बड़ा भाई कुलदीप किसी काम से बाजार गए थे। घर में भाभी अंदर काम कर रही थी। इसी दौरान संदीप ने बाहर बनी बैठक में पंखे से रस्सी का फंदा लगाकर जान दे दी। बच्चों के खेलने के बाद अंदर आने पर भतीजे की नजर चाचा पर पड़ी। उसने दौड़कर अपनी मां को जानकारी दी।

भाभी के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। आनन-फानन में संदीप को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता हनुमंत सिंह ने बताया कि संदीप ने करीब चार-पांच साल पहले नवादा में मनसा देवी गैस एजेंसी के नाम से कारोबार शुरू किया था। इसके लिए उसने एसबीआई की बहादुरपुर शाखा से करीब 25 से 30 लाख रुपये का ऋण लिया था।

कारोबार में लगातार नुकसान होने से वह बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थ हो गया था। बैंक कर्मचारी कई बार ऋण वसूली के लिए संपर्क कर चुके थे। फोन कॉल और मैसेज के जरिये भी कर्ज जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था। इधर, पत्नी से भी उसका विवाद चल रहा था। करीब तीन माह पहले पत्नी मायके चली गई थी। वर्तमान में संदीप चाऊमीन और फास्ट फूड का काम कर परिवार का गुजारा कर रहा था।

वह सोशल मीडिया पर भी गैस एजेंसी के कारोबार में हुए नुकसान और बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थता की बात साझा कर चुका था। थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली थी। परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।



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