इटावा। शहर में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाने और कारोबार योजना समेत विभिन्न योजनाओं के तहत काम कराए जाने के दावों के बावजूद 33 केवी लाइन के फॉल्ट ने शनिवार को एक बार फिर आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोल दी।

कुनैरा पावर हाउस पर 33 केवी लाइन में फॉल्ट होने से इंजीनियरिंग कॉलेज और कालीबांह विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 75 से अधिक मोहल्लों की बिजली करीब तीन घंटे तक गुल रही। जिला अस्पताल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे कुनैरा पावर हाउस पर 33 केवी लाइन में फॉल्ट हो गया। इससे इंजीनियरिंग कॉलेज विद्युत उपकेंद्र को आने वाली लाइन प्रभावित हो गई और आपूर्ति ठप हो गई।

उपकेंद्र के सभी सात फीडर बंद होने से करीब 55 मोहल्लों में बिजली संकट खड़ा हो गया। इसी लाइन से कालीबांह विद्युत उपकेंद्र को भी आपूर्ति जाती है। फॉल्ट का असर वहां भी पड़ा और उपकेंद्र के चार फीडर बंद हो गए। इससे जुड़े 20 से अधिक मोहल्लों की बिजली भी चली गई। दोनों उपकेंद्रों को मिलाकर 75 से अधिक मोहल्लों की आपूर्ति प्रभावित रही।

करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम साढ़े चार बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। अचानक बिजली गुल होने से घरों और दुकानों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधीक्षण अभियंता ऋषभ देव ने बताया कि फॉल्ट की वजह से बिजली प्रभावित हुई थी जिसे सही करवा दिया गया था। कर्मचारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

जिला अस्पताल में भी गुल रही बिजली इटावा। फॉल्ट के कारण जिला अस्पताल की बिजली भी प्रभावित हुई। हालांकि अस्पताल में इन्वर्टर और जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था होने से मरीजों और तीमारदारों को बड़ी परेशानी नहीं हुई। जरूरी सेवाएं वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के सहारे चलती रहीं।



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