
नवजात सांकेतिक फोटो
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आगरा के बाह क्षेत्र के खजुआपुरा में सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर गर्भवती को ऑटो में लेकर जाना पड़ा। रास्ते में प्रसव हो गया और प्लेसेंटा फंस गया। इससे प्रसूता-नवजात की जान पर बन आई। सीएचसी पहुंचने पर स्टाफ नर्स ने प्लेसेंटा अलग किया। दोनों को भर्ती कराया। सीएमओ ने मामले की जांच कराते हुए एंबुलेंस प्रभारी से रिपोर्ट तलब की है।
खजुआपुरा की केशू ने बताया कि पत्नी राजकुमार प्रसव पीड़ा होने पर 102 एंबुलेंस सेवा को फोन किया। तीन बार बात हुई, कभी कहते एंबुलेंस खाली नहीं, कभी कहते आ रहे हैं। इधर, पत्नी की हालत खराब होने लगी। मां माला देवी के साथ ऑटो में पत्नी को अस्पताल लेकर जाने लगे। आधे रास्ते में प्रसव हो गया और बच्ची को जन्म दिया। प्लेसेंटा फंस गया, जिस देख हाथ-पैर फूल गए। जैसे-तैसे बाह सीएचसी पहुंचे और स्टाफ नर्स ने ऑटो में ही प्लेसेंटा अलग कर भर्ती किया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा का कहना है कि स्टाफ नर्स ने ऑटो में ही प्लेसेंटा अलग कर दोनों को भर्ती कराया है। दोनों स्वस्थ हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि 3 बार फोन करने पर भी समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने की शिकायत की जांच करा रहे हैं। एंबुलेंस प्रभारी से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
दादी बोली…बिटिया का नाम रखेंगे दुर्गा
दादी माला देवी ने बताया कि पुत्रवधू की ये तीसरी संतान है। पहले एक बेटा और बेटी है। नवरात्र चल रहे हैं और माता रानी की कृपा से नवजात-बहू सुरक्षित हैं। ऐसे में बिटिया का नाम दुर्गा रखेंगे। केशू का कहना था कि मैया रानी के आशीर्वाद से पत्नी और बच्ची को सही समय पर इलाज मिल गया।
