जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत प्रसव के बाद मिलने वाली पौष्टिक आहार की धनराशि पिछले आठ माह से लंबित है। सितंबर 2025 से अब तक 1607 माताओं को यह राशि नहीं मिल सकी है। कई मामलों में जन्मे बच्चे अब आठ माह तक के हो चुके हैं, लेकिन माताओं को अब तक सहायता राशि नहीं मिली।

अस्पताल के चक्कर लगा रहीं महिलाएं

नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संचालित इस योजना में शहरी क्षेत्र की माताओं को 1000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की माताओं को 1400 रुपये दिए जाते हैं, ताकि प्रसव के बाद उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सितंबर 2025 से इस मद में बजट जारी नहीं हुआ है, जिसके चलते भुगतान अटका हुआ है। राशि न मिलने से परेशान माताएं महिला जिला अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।

नसबंदी प्रोत्साहन भी एक साल से अटका

इधर, नसबंदी प्रोत्साहन राशि भी एक साल से लंबित है। योजना के तहत नसबंदी कराने पर 2000 रुपये और प्रसव के बाद नसबंदी कराने पर 3000 रुपये दिए जाते हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक यह राशि जारी नहीं हुई है। इस अवधि में महिला अस्पताल में 297 महिलाएं नसबंदी करा चुकी हैं, लेकिन किसी को भी प्रोत्साहन राशि नहीं मिली।

योजनाओं के तहत बजट प्राप्त नहीं हुआ है। बजट जारी होते ही लंबित भुगतान कर दिया जाएगा। – डॉ. एनके जैन, नोडल अधिकारी, एनएचएम



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