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आरोपी विप्रा शर्मा
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा के नए कारनामे रोज सामने आ रहे हैं। सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगे गए पांच और पीड़ितों ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब तक विप्रा और उसके गिरोह पर कुल 21 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 19 मामले बारादरी थाने में ही लिखे गए हैं। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है।
पीलीभीत निवासी हिना परवीन ने बताया कि विप्रा ने खुद को पीसीएस अधिकारी बताकर 1.90 लाख रुपये कंप्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी दिलवाने के बहाने लेकर हड़प लिए। भमोरा के गांव सिंघा निवासी अजय के मुताबिक, उनके भाई बीमा कंपनी में काम करते थे। तभी 2025 में ग्रीन पार्क निवासी विप्रा शर्मा बीमा के बारे में जानकारी लेने दफ्तर आईं। विप्रा की कार पर एडीएम एफआर और उत्तर प्रदेश शासन लिखा था।
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चमक-दमक देखकर अजय ने उसे असली अधिकारी समझ लिया। बातचीत का सिलसिला बढ़ाकर विप्रा ने उसे पवन विहार स्थित अपने घर बुलाया। विप्रा ने सरकारी ड्राइवर की नौकरी के बदले तीन लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद तीन फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिए गए। परवाना नगर निवासी फरहत जहां ने बताया कि बीडीए अधिकारी के पद पर नौकरी दिलाने के बहाने विप्रा शर्मा ने चार लाख रुपये ठग लिए।
