इटैांजा टोल प्लाजा पर एक महीने के अंदर 1600 ओवरलोडेड वाहन गुजरे। इसमें 900 के टोल फर्जी नंबरों से काटे गए। चौकिए मत। ऐसे-ऐसे फर्जी नंबरों से टोल काटे गए हैं, जिनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। अफसरों को उन फर्जी नंबरों को ट्रैक करने में पसीने छूट गए। लेकिन उनका कहीं ओर-छोर नहीं मिला। न चेचिस, न ही नंबरों से वाहनों का विवरण मिला।
यह किसी एक टोल प्लाजा का मामला नहीं है। लखनऊ के सभी टोल प्लाजाओं पर ऐसी स्थिति है। फर्जी नंबरों पर ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के टोल काटे जा रहे हैं। दरअसल, ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से निर्देशित किया गया।
इसमें परिवहन सहित एचएचएआई, ट्रैफिक व अन्य विभागों को सख्ती बरतने को कहा गया। इसके बाद नेशनल हाईवे अथॅारिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई की ओर से टोल से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का ब्योरा परिवहन विभाग को सैांपा गया।
जब अधिकारियों ने सूची की पड़ताल की तो इसमें यह फर्जीवाड़ा सामने आया। इटैांजा टोल प्लाजा से जनवरी माह में 1600 ओवरलोड वाहन गुजरे। इनकी पड़ताल की जिम्मेदारी परिवहन विभाग के चार अफसरों को दी गई। जब अफसरों ने सूची जांची तो उनके होश उड़ गए।
ऐसे-ऐसे नंबरों से ओवरलोड वाहनों के टोल काटे गए थे, जिनका कहीं कोई अस्तित्व ही नहीं है। सूत्र बताते हैं कि 1600 वाहनों में करीब 900 के नंबर फर्जी पाए गए हैं। वहीं फरवरी माह में एनएचएआई की ओर से दी गई सूची के वाहनों में अभी तक 200 वाहन फर्जी पाए गए हैं।
