किसान को 41 साल बाद 16 बीघे जमीन पर कब्जा मिला है। कोर्ट ने 1989 में कब्जे का आदेश दिया था, लेकिन 35 साल से पुलिस और प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे थे।

खेती करता किसान। संवाद
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आगरा के एक किसान ने अपनी 16 बीघे जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए 1983 में अदालत में वाद दायर किया था। 1989 में पक्ष में आदेश हो गया। इसके बावजूद 35 साल तक पुलिस और प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। कब्जा नहीं दिला सके। अब सिविल जज सीनियर डिवीजन शिवानंद गुप्ता के आदेश पर कोर्ट अमीन ने कब्जा दिलाकर राहत प्रदान की।
मामले के अनुसार फतेहाबाद के गांव मजेहरा निवासी फूल सिंह ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए विपक्षी कलावती व अन्य के विरुद्ध तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में वाद दायर किया था। अदालत ने 1989 में फूल सिंह के पक्ष में आदेश पारित करते हुए निष्पादन की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए। तब से मामला पुलिस एवं प्रशासन के बीच फंसा रहा।
सिविल जज सीनियर डिवीजन शिवानंद गुप्ता ने किसान की जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए कोर्ट अमीन राकेश गुर्जर के नाम परवाना जारी किया। कोर्ट अमीन ने दरोगा को अदालत के पारित आदेश की जानकारी दी। दरोगा ने जमीन पर तीन विधवा महिलाओं के रहने, बिना फोर्स हालात खराब होने की बात कह टाला। जिस पर अदालत ने दरोगा से स्पष्टीकरण मांगा और कोर्ट अमीन ने खुद मौके पर जाकर कब्जा दिलवाया।
