फतेहपुर। बांदा-सागर मार्ग के कोराई बाईपास में पिछले पांच साल से बंद पड़े रेलवे ओवरब्रिज का संचालन नए साल से शुरू हाेने की उम्मीद है। पुल का निर्माण करने वाली कंपनी दीपावली के बाद पुल की मरम्मत करेगी। पुल के शुरू होने के बाद लोगों को शहर के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों से मुक्ति मिलेगी।

बांदा-सागर मार्ग को प्रयागराज-कानपुर से जोड़ने के लिए एनएचएआई ने शहर से सटे काेराई गांव में बाईपास का निर्माण कराया था। वर्ष 2012-13 में 424 करोड़ रुपये की लागत से स्पेन की कंपनी सेंट जोंस ने निर्माण किया था। इसमें कोराई गांव के पास से गुजरी दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन पर ओवरब्रिज का निर्माण भी किया गया था। जनवरी 2018 में निर्माण पूर्ण होने के बाद बाईपास का संचालन शुरू किया गया, लेकिन निर्माण कार्य इतना घटिया था कि छह माह में पुल के पिलर बीम से अलग हो गए। जून 2018 में पुल पर आवागमन रोक दिया गया। अमर उजाला ने घटिया निर्माण कार्य का खुलासा करते हुए लगातार खबरें प्रकाशित की। जनवरी 2021 में घटिया ओवरब्रिज को तोड़ भी दिया गया। एनएचएआई ने टूट चुके पुल की जगह नया ओवरब्रिज बनाने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू की। पुल का संचालन बंद होने के बाद बांदा-सागर मार्ग पर आने जाने वाले भारी वाहन शहर के अंदर से होकर गुजरने लगे। इससे शहर की सड़कें भी गड्ढों से पट गई। पुल के पिलरों की क्षमता की जांच के लिए आईआईटी बीएचयू की टीम भी आई थी। वहीं अब एनएचएआई ने फिर से पुल निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। ओवरब्रिज को बनाने के लिए रेलवे से अनुमति मांगने की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे से अनुमति मिलने के बाद पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस दौरान फैब्रिकेशन काम के साथ फुटिंग कास्ट का काम होगा। स्टेजिंग से संबंधित सामग्री वहां पहुंच चुकी है। पहले से दोगुनी भार क्षमता का पुल बनाया जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पिछले करीब पांच साल से बाईपास बंद होने के कारण पुल तक पहुंची सड़क अब गोदाम के रूप में नजर आने लगी है। वाहनों का आवागमन बंद होने से आसपास के किसानों ने सड़क को गोदाम बना दिया है। वहां किसानों की पराली, अनाज सहित कई चीजें हर समय रखी रहती हैं।

वहां निर्माण सामग्री पहुंच चुकी है। दीपावली के बाद से निर्माण कार्य शुरू होगा। उम्मीद है जनवरी से पुल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

आलेख कुमार, एई, एनएचआई रायबरेली



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *