इसमें न ज्यादा दवाएं खानी होती है और न महंगा लगाना होता है प्रोडक्ट
शरीर से निकाले गए रक्त से होता है उपचार, 80 फीसदी कारगर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बालों के झड़ने या टूटने से चिंतित लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब इसका उपचार कराने के लिए लोगों को इधर-उधर नहीं भटकना होगा। मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभाग ने फिर से पीआरपी (प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा) थैरेपी शुरू कर दी है। इसमें आपके ही 10 एमएल रक्त से निकले प्लाज्मा से उपचार किया जाता है।
अब लोगों के बाल टूटने और गिरने की समस्या आम हो गई है। बाल गिरने से रोकने के लिए लोग महंगे-महंगे तेल लगा रहे हैं और दवाएं भी खा रहे हैं। ज्यादा बालों के गिरने पर कोई प्लांट करवा रहा है तो कोई बिग लगा रहा है। इसके चलते, अब चर्म रोग विभाग ने उपचार न मिलने से निराश लौट रहे लोगों के लिए फिर से प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी शुरू कर दी है। इस थैरेपी में न तो लोगों को ज्यादा दवा खानी होती है और न कोई महंगा प्रोडक्ट और दवा लगानी होती है।
विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें रक्त का प्लाज्मा अलग किया जाता है, जिसे बाल के टूटने या झड़ने वाली जगह पर लगाया जाता है। इसमें संक्रमण की भी बहुत कम गुंजाइश होती है क्योंकि प्लाज्मा व्यक्ति के ही शरीर का होता है। यह तेजी से बालों को बढ़ाने की क्षमता भी रखता है। एक माह पहले प्लेटलेट्स रिच प्लाज्मा थैरेपी से उपचार शुरू कर दिया गया है, जिसके 80 फीसदी तक अच्छे परिणाम आए हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2016 में इस थैरेपी से उपचार शुरू किया गया था, जो 2018 में बंदकर दिया गया। अब फिर से प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर के निर्देश में इसका शुरू कर दिया है।
