रविवार को रेवाड़ी में पहुंचे यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। एक पारिवारिक कार्यक्रम में आए सपा प्रमुख ने इसे सियासी मंच में बदलते हुए कई बड़े मुद्दों पर तीखे बयान दिए। अखिलेश यादव ने अकहा कि विपक्ष की एकजुटता के चलते ही मोदी सरकार को कई मुद्दों पर झुकना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर जातीय जनगणना से बच रही है, क्योंकि इससे समाज की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी और वंचित वर्ग अपने हक और अधिकार की मांग करेगा।
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान के तहत हर वर्ग को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह से इसके पक्ष में है, जबकि भाजपा का इतिहास महिलाओं को नेतृत्व देने में कमजोर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज तक भाजपा ने अपने संगठन में किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया। परिसीमन को लेकर भी अखिलेश ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मनमाने तरीके से परिसीमन थोपने की साजिश रची गई थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर बेनकाब किया। उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले को सामाजिक न्याय का आधार बताते हुए कहा कि इसका मकसद वंचितों को सत्ता में भागीदारी दिलाना है। उन्होंने हरियाणा में भी उत्तर प्रदेश और बिहार की तरह इस फार्मूले को लागू करने की वकालत की।