छतरपुर में बैंक में काम करने वाली युवती फांसी के फंदे पर झूल गई। युवती का इलाज मेडिकल काॅलेज में चल रहा था। जहां उसकी मौत हो गई। युवती किराए के मकान में रहती थी।


मध्य प्रदेश के गांव आमखेरा थाना ईशानगर छतरपुर में रहने वाली द्रोपती (26) एक बैंक में पिछले तीन साल से जॉब कर रही थी। मृतका के ममेरे भाई हरिकिशोर कुशवाहा ने बताया कि वह किराए के मकान में रहती थी। चार जून को दोपहर तीन बजे द्रोपती से मां श्याम देवी से बात हुई। इसके बाद शाम सात बजे पुलिस ने फोन कर बताया कि द्रोपती फांसी के फंदे पर झूल गई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना पाकर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। वहां से द्रोपती को डॉक्टरों ने मेडिकल कालेज झांसी रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

परिजनों ने बताया कि द्रोपती का मोबाइल पुलिस के पास है और कमरा भी सील कर दिया है। द्रोपती परिवार की एकलौती बेटी थी और उसके दो बड़े भाई वीरेंद्र और जितेंद्र है। परिजनों ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार के बाद वह छतरपुर पुलिस से कार्रवाई की मांग करेंगे।



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