
1 of 8
Hathras kritarth murder
– फोटो : अमर उजाला
हाथरस के कृतार्थ हत्याकांड में विवेचक ने जिला कारागार अलीगढ़ में जाकर अभियुक्तों के दोबारा से बयान दर्ज किए। अपने बयान में स्कूल के प्रबंधक दिनेश बघेल ने बताया कि पूर्व विवेचक को उन्होंने गलत बयान दिया था, क्योंकि उस समय वह काफी भयभीत थे और उन्हें यह भी भय था कि पुलिस उनके साथ मारपीट न करे।
प्रबंधक ने अपने बयान में कहा कि उनसे कहा गया था कि पुलिस की सख्ती से बचने के लिए घटना का इकबाल कर लो तो पुलिस तुमसे कड़ाई से पूछताछ नहीं कर पाएगी और जेल भेज देगी। हम पांच लोगों ने आपस में बातचीत करके घटना को स्वीकार कर लिया था।

2 of 8
Hathras Murder
– फोटो : अमर उजाला
‘न धड़कनें और न उसकी नब्ज चल रही थी’
जिला कारागार में प्रबंधक दिनेश बघेल ने फिर से दिए गए बयानों में विवेचक से कहा कि मैं आपको सही बात बता रहा हूं कि मैं स्कूल के आवासीय हॉस्टल में पहुंचा था तो मुझे कृतार्थ मरा हुआ मिला था।
मैंने उसकी धड़कनें चेक कीं और नब्ज देखी तो न तो धड़कनें चल रही थीं और न उसकी नब्ज चल रही थी। शरीर ठंडा हो चुका था। अब मेरे मन में बात आई कि मैं अपने बचाव के लिए इसे अस्पताल ले जाऊं तो यह कार्य मेरे हित में रहेगा और हमारा बचाव भी हो जाएगा।

3 of 8
हाथरस हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी(फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला
इसलिए नहीं दी थी पुलिस को सूचना
मैंने पुलिस और अन्य अधिकारियों को सूचना नहीं दी थी, क्योंकि बच्चे की मृत्यु स्कूल के हॉस्टल के कमरे में हुई थी और मैं स्कूल का डायरेक्टर था। दूसरा हमने आवासीय विद्यालय के संचालन की वैध रूप से अनुमति नहीं ली थी और न ही शिक्षा विभाग को सूचित किया था।
प्रबंधक दिनेश बघेल ने अपने बयान में कहा कि मैंने स्कूल के अन्य लोगों के साथ अपने पिता जसोदन सिंह, प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह, अध्यापक रामप्रकाश सोलंकी और वीरपाल के साथ मिलकर बचाव के उपाय सोचे।

4 of 8
Hathras Murder Case
– फोटो : अमर उजाला
यह भी सोचा कि कृतार्थ के परिवार वालों को यह बताएंगे कि उसकी मौत बुखार से हो गई है। वह परिजनों को यह दर्शाना चाहते थे कि उन्होंने कृतार्थ का इलाज कराने के प्रयास किए हैं, ताकि संतुष्ट होने पर परिजन बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर देंगे और वह लोग बच जाएंगे।

5 of 8
Hathras Murder
– फोटो : अमर उजाला
कृतार्थ हत्याकांड में तीन माह बाद पुलिस ने बदली पूरी कहानी
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के डीएल पब्लिक स्कूल के कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या कहानी को तीन माह बाद पुलिस ने बदल दिया है। आरोप पत्र में तंत्र-मंत्र में हत्या किए जाने के पुलिस पूर्व में किए गए दावे को पूरी तरह से नकार दिया है और कक्षा आठवीं के छात्र को हत्या करने का आरोपी बनाया है। पुलिस उसे 16 दिसंबर को गिरफ्तार कर मथुरा बाल सुधार गृह भेज चुकी है। पुलिस का कहना है कि स्कूल में छुट्टी कराने के लिए उसने कृतार्थ की हत्या की थी। पुलिस ने दो दिन पहले 23 दिसंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय आरोप पत्र दाखिल किया।
