कक्षा आठ के छात्र को कृतार्थ की हत्या में आरोपी बनाया
इसके बाद विवेचक ने कई नए तथ्य विवेचना में शामिल करते हुए कक्षा आठ के छात्र को कृतार्थ की हत्या में आरोपी बनाया। चार्जशीट में यह स्पष्ट किया गया है कि विवेचक ने बिना वर्दी के सादा कपड़ों में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों व अभिभावकों से वार्ता की। विवेचक ने इस मामले में आरोपी छात्र के ताऊ निवासी जिला एटा से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि छात्र का करीब डेढ़ वर्ष पूर्व इस विद्यालय में दाखिला कराया गया था। तब से वह हॉस्टल में रहकर पढ़ता है।
‘उसने रात में कभी मुझे जगाया नहीं’
हॉस्टल के एक बच्चे की मौत हो जाने की वजह से स्कूल बंद चल रहा है। स्कूल के मैनेजर और शिक्षक जेल में हैं, लेकिन अब पता चला है कि स्कूल में जो बच्चा मरा है, उसकी हत्या उसी के किसी साथी ने की है। इस बयान के सामने आने के बाद विवेचक ने जिन छात्रों के पूर्व में बयान लिए गए थे, उनके बयानों का सत्यापन शुरू किया। एक अन्य छात्र ने विवेचक को बताया कि उस रात से पहले कक्षा आठ के हत्यारोपी छात्र ने उसे कभी नहीं जगाया और न ही उससे कभी बातें करता था।
तंत्र मंत्र की बात को नकार दिया
इससे पहले उस छात्र को तीन अन्य छात्रों ने बताया था कि आरोपी यह कहता था कि स्कूल में कोई बच्चा मर जाएगा तो स्कूल बंद हो जाएगा, छुट्टी हो जाएगी और हम लोग घर चले जाएंगे। इधर, इस बच्चे ने अपने बयान में तंत्र मंत्र की बात को नकार दिया। इसी तरह अन्य छात्रों के बयानों का पुनः सत्यापन किया गया। इन बयानों ने इस मामले को नया मोड़ देना शुरू कर दिया। विवेचक ने छात्रों व अन्य गवाहों के बयानों का सत्यापन करने के बाद न्यायालय से अनुमति लेकर जिला कारागार अलीगढ़ में पहुंचकर सभी आरोपियों के पुनः बयान दर्ज किए गए।





