IIT BHU misdeed case Victim cross examine witness room of court partial relief Know special thing

फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) की अदालत ने फैसला सुनाया।
– फोटो : अमर उजाला

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सामूहिक दुष्कर्म मामले में बीएचयू आईआईटी की छात्रा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट परिसर के विटनेस रूम से अपना पक्ष रख सकती है। गुरुवार को फास्टट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिरह की अर्जी को स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया। इस मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

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पीड़ित छात्रा ने विश्वविद्यालय या फिर कहीं से भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिरह की मांग की थी। बीएचयू परिसर में एक नवंबर 2023 की रात आईआईटी छात्रा से बाइक सवार तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। लंका थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपियों कुणाल पांडेय, आनंद चौहान उर्फ अभिषेक और सक्षम पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 

अभियोजन के अनुसार एडीजीसी मनोज गुप्ता ने पीड़िता की ओर से अर्जी दी कि वह जिरह के लिए सुरक्षा और अन्य कारणों से कोर्ट में बार-बार नहीं आना चाहती है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिरह कराने की अनुमति मांगी है। इस अर्जी पर दोनों पक्षों के सुनने के बाद कोर्ट ने इसे आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया। 

कहा कि कोर्ट परिसर में ही विटनेस रूम में पीड़िता मौजूद रहेगी। साथ ही उस दौरान वहां कंप्यूटर तकनीकी विशेषज्ञ के अलावा अन्य कोई मौजूद नहीं रहेगा। जिरह से पूर्व कैमरे से पूरे विटनेस रूम को दिखाया जाएगा कि कहीं कोई मौजूद तो नहीं है।



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