नए तहसील भवन में संयुक्त मजिस्ट्रेट जालौन एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी रिंकू सिंह राही को पांच घंटे भटकने के बाद न तो न्यायालय मिल सकी और न ही कक्ष। दरअसल, वे नए तहसील भवन में न्यायिक कार्य शुरू करने का पत्र जारी करने के बाद वह दोपहर करीब तीन बजे कर्मचारियों, न्यायालय के अभिलेखों और फर्नीचर के साथ पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राही के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई कमरों में ताले लगे रहे। इससे न्यायालय के अभिलेख और फर्नीचर काफी देर तक परिसर में ही रखा रहा। उप जिलाधिकारी (न्यायिक) तहसील परिसर में टहलते रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा के लिए अलग न्यायालय और कक्ष का आवंटन आवश्यक है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि व्यवस्था नहीं हुई तो वह फोल्डिंग डालकर परिसर में ही रुकेंगे, ताकि अभिलेख असुरक्षित न रहें।
इस दौरान अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ जुट गई। प्रशासनिक अधिकारियों और उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के बीच कई दौर की बातचीत हुई।