कोंच। आगामी रामलीला व नवरात्र पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए रविवार शाम कोतवाली में बुलाई गई शांति समिति की बैठक अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण नहीं हो सकी। इंतजार के बाद रामलीला समिति और देवी जागरण मंचों से जुड़े लोगों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और नाराज होकर कोतवाली से चले गए। इससे पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर अजीबोगरीब स्थिति बन गई।

रविवार शाम कोतवाली में शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में रामलीला और नवरात्र के दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली, यातायात समेत अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा कर कमियों को समय रहते दूर करने की योजना थी। रामलीला और देवी जागरण मंचों से जुड़े करीब आधा सैकड़ा लोग समय से कोतवाली पहुंच गए। पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता भी बैठक में मौजूद थे, लेकिन काफी देर तक कोई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचा। रामलीला समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि अतिरिक्त निरीक्षक कामता प्रसाद मौजूद थे, लेकिन वह भी एकांत में किसी से फोन पर बातचीत करते रहे। अधिकारियों की इस स्थिति से बैठक में पहुंचे नागरिक और आयोजन समितियों के पदाधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया और कोतवाली से बाहर निकल गए।

रामलीला समिति के अध्यक्ष राजीव पटेल और मंत्री शैलेश सोनी ने कहा कि लोग अपने कीमती समय में से समय निकालकर त्योहारों की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक में पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी।

मैं दो दिन के अवकाश पर हूं, इसलिए मुझे मामले की जानकारी नहीं है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर मामले की जानकारी लेते हैं।

अभिनव कुमार, एसडीएम



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