उरई। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने जालौन जिले में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। माधौगढ़ विधानसभा सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा के बाद अब पार्टी की नजर कालपी और उरई सीट पर है। कालपी में प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी पदाधिकारी अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन लखनऊ से हरी झंडी मिलने के बाद करीब एक माह के भीतर प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने की चर्चा है। पार्टी इस बार कालपी में क्षत्रिय समाज को साधने की रणनीति पर काम कर रही है और इसी समाज के किसी चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारी बताई जा रही है।
जिले की कालपी सीट का चुनावी इतिहास भी बसपा के इस दांव की वजह माना जा रहा है। बसपा यहां तीन बार जीत दर्ज कर चुकी है। वर्ष 1991 में श्रीराम और 1996 में भी श्रीराम ने बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2007 में छोटे सिंह चौहान ने बसपा का परचम लहराया। उन्होंने सपा के श्रीराम पाल को 2,130 वोटों से हराया था। छोटे सिंह को 46,275 वोट मिले थे, जबकि श्रीराम पाल को 44,145 वोट मिले थे।
इसके बाद बसपा के लिए कालपी की राह आसान नहीं रही। वर्ष 2012 में कांग्रेस की उमाकांति 64,289 वोट पाकर विजयी हुईं, जबकि बसपा के संजय सिंह 57,639 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच 6,650 वोटों का अंतर रहा।
पुराने वोट बैंक को साधने की कोशिश
बसपा अब कालपी में अपने पुराने प्रभाव और सामाजिक समीकरण को दोबारा मजबूत करने की कोशिश में है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि क्षत्रिय समाज को साथ लेकर चलने से सीट पर मुकाबला मजबूत किया जा सकता है। यही वजह है कि संभावित दावेदारों में क्षत्रिय चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
कालपी में 2007 की जीत बसपा के लिए सबसे मजबूत उदाहरण है। उस चुनाव में पार्टी प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की थी। वहीं 2012 में भी बसपा दूसरे स्थान पर रही थी। 2017 में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 में मुकाबला फिर नजदीक आ गया। ऐसे में बसपा इस बार सामाजिक समीकरणों के साथ मजबूत प्रत्याशी उतारकर सीट पर वापसी की कोशिश में जुटी है।
वर्जन
कालपी विधानसभा के लिए प्रत्याशी का नाम लगभग तय हो चुका है। हाईकमान से निर्देश मिलते ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। – डॉ. बृजेश कुमार जाटव, जिलाध्यक्ष बसपा।
