उरई। करीब दस साल पुराने किशोरी को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने युवक को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी किशोरी के भाई ने सात मार्च 2016 को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी नाबालिग बहन को इंद्रानगर निवासी आकाश वर्मा बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण समेत पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को खोज लिया था। इसके बाद किशोरी के न्यायालय में कलमबंद बयान दर्ज कराए गए। विवेचना पूरी होने पर विवेचक विश्वनाथ ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने आकाश वर्मा को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
