उरई। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने शुक्रवार की सुबह आठ बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पर्ची काउंटर, ओपीडी, सर्जरी ओपीडी, लैब पैथोलॉजी, दंत रोग, सीटी स्कैन, नाक, कान, गला, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे ओपीडी, दवा भंडारण कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, सर्जिकल वार्ड, एक्सीडेंटल वार्ड, डेंगू वार्ड, आयुष्मान भारत वार्ड आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान आठ डॉक्टर गैरहाजिर मिले।

सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा को निर्देश दिए कि अनुपस्थित चिकित्साधिकारी ईएनटी डॉ. बीपी सिंह, मेंटल काउंसलर अर्चना विश्वास, डायबिटीज़ एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपालकृष्ण सोनी, परामर्शदात्री स्वाति श्रीवास्तव, ऑर्थो सर्जन डॉ. एमएस सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार, जिला क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके भिटौरिया, टीबी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कौशल किशोर का स्पष्टीकरण लिया जाए। कहा कि सभी चिकित्सक समय से ड्यूटी करें और मरीजों को बेहतर इलाज मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण में मिला कि चिकित्सक का स्थानांतरण होने के बाद भी उनके नाम की पट्टिका लगी हुई है। सीएमएस को तत्काल नामपट्टिका हटाने के निर्देश दिए। डीएम ने मरीजों का हालचाल जाना। अस्पताल की सुविधाओं के बारे में फीडबैक भी लिया। आयुष्मान भारत वार्ड में गंदगी देख संबंधित कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी। साथ ही निर्देश दिए कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

उन्होंने इमरजेंसी वार्ड चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने दवा वितरण कक्ष का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता की व्यवस्था देखी तथा निर्देशित किया कि चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवा न लिखी जाए, यह सुनिश्चित रहे। इस दौरान एडीएम नमामि गंगे विशाल यादव, सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार मिश्रा, सीएमएस डॉ. अवनीश बनौधा भी मौजूद रहे।

एक हेल्थ सेंटर में बंद मिला, दूसरे में मिली कमियां

माधौगढ़। बीसीपीएम ने दो हेल्थ वेलनेस सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इसमें डिकौली सेंटर बंद मिला। महाराजपुरा में ओपीडी मानक के अनुरूप नहीं मिली। कार्य के प्रति लापरवाह होने पर सीएचसी प्रभारी डाॅ. कुलदीप राजपूत ने दो सेंटर प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

शुक्रवार की सुबह बीसीपीएम अनीता हेल्थ वेलनेस सेंटर डिकौली पहुंची। सेंटर पर ताला लगा था। केंद्र प्रभारी रश्मि राठौर गायब थी। वही केंद्र पर आयुष्मान भवः के प्रचार प्रसार नहीं किया गया। इसके बाद बीसीपीएम महाराजपुरा सेंटर पहुंची। सेंटर प्रभारी दीपांशु मौजूद थे। ओपीडी में मात्र पांच मरीज देखे गए। सेंटर पर आयुष्मान भवः के लिए कोई प्रचार नहीं दिखा।

बीसीपीएम ने नाराजगी जताई। सीएचसी प्रभारी डाॅक्टर कुलदीप राजपूत का कहना है कि क्षेत्र में 21 हेल्थ वेलनेस सेंटर है। इसमें केंद्र प्रभारी को सुबह नौ बजे से चार बजे तक रहना होता है। बीसीपीएम के निरीक्षण में दोनों सेंटर में अनियमितता मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। बीसीपीएम द्वारा सुबह शाम दोनों पालियों में जांच अभियान चलाया जाएगा। सेंटर बंद मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।



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