रामपुरा। ब्लॉक क्षेत्र के टीहर गांव स्थित खाद समिति पर किसानों से निर्धारित दर से अधिक धनराशि वसूलने के आरोप सामने आए हैं। शुक्रवार को वसूली का वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो 12 अगस्त की शाम का है। वीडियो में खाद लेने पहुंचे किसानों से निर्धारित कीमत से अधिक रकम लिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण सीजन में खाद की मांग बढ़ी हुई है। ऐसे में समिति पर खाद के लिए किसानों को चक्कर लगवाने और उपलब्धता होने पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने के आरोप गंभीर हैं। किसानों ने मामले की जांच कर बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, खाद वितरण का रिकॉर्ड और किसानों से ली गई रकम का मिलान कराने की मांग की है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद समिति के सचिव और अन्य कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का आरोप है कि यदि खाद शासन द्वारा निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जा रही है तो अतिरिक्त धनराशि किस मद में ली जा रही है, इसकी स्पष्ट जांच होनी चाहिए। किसानों ने सहकारिता विभाग और प्रशासन से मौके पर जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सचिव बोले- निर्धारित दर पर ही दी जा रही खाद
वहीं, समिति के सचिव गौरव कुशवाहा ने किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि समिति से किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जा रही है। डीएपी की कीमत 1,350 रुपये प्रति बोरी और यूरिया की कीमत 266.50 रुपये प्रति बोरी है। उन्होंने बताया कि पल्लेदारों द्वारा प्रति बोरी 10 रुपये मजदूरी ली जाती है, जिसका समिति की ओर से ली जाने वाली खाद की कीमत से कोई संबंध नहीं है।
सचिव के मुताबिक समिति पर वर्तमान में एक ट्रक डीएपी उपलब्ध है, जबकि यूरिया का स्टॉक समाप्त हो चुका है। उनका कहना है कि समिति की ओर से निर्धारित मूल्य से अधिक कोई राशि नहीं ली जा रही है।
