आटा। बारिश के बाद अकबरपुर इटौरा गांव का मुख्य रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। इससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बुधवार सुबह बच्चों को लेकर जा रहा एक स्कूली वाहन पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर पहले दलदल में फंस गया। चालक ने वाहन में सवार सभी बच्चों को नीचे उतारा। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर वाहन को दलदल से बाहर निकाला।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में इस रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इससे उनके जूते-चप्पल और स्कूल ड्रेस खराब हो जाती है। अकबरपुर निवासी प्रीतम सिंह ने बताया कि वह बुधवार सुबह बच्चों को ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल छोड़ने बाइक से जा रहे थे। रास्ते में इतना कीचड़ है कि बाइक बार-बार फिसलती है और कई बार गिरने से बाल-बाल बचे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण करीब दो दशक पहले जिला पंचायत की ओर से कराया गया था। डामरीकरण के बाद करीब एक वर्ष तक आवागमन ठीक रहा, लेकिन इसके बाद सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। तब से अब तक सड़क की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ। वर्तमान में करीब 500 मीटर रास्ता पूरी तरह गड्ढों और दलदल में बदल चुका है।
देवेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत भवन और पुलिस चौकी जाने के लिए भी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। अकबरपुर इटौरा के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई विभाग इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
एसडीएम कालपी विनय कुमार मौर्य ने बताया कि खराब सड़क को लेकर उच्चाधिकारियों से बात हुई है। निर्माण एजेंसियों से बात कर सड़क की जल्द मरम्मत कराकर उसे चलने योग्य बनाया जाएगा।
