कालपी। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। आरोप है कि ससुरालीजन उसे चार पहिया वाहन में बैठाकर मायके छोड़ने आए और वहां भी मारपीट की। परिजनों के पहुंचने पर आरोपी ससुराल में दोबारा न आने की धमकी देकर चले गए। विवाहिता ने रविवार को कोतवाली पुलिस से शिकायत की है।
कोतवाली क्षेत्र के गुलौली गांव निवासी असलम खां ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले उन्होंने बेटी मंतशा की शादी सिकंदरा थाना क्षेत्र के पिंडारथू गांव निवासी युवक से की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर मंतशा को प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान मंतशा ने दो बच्चों को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई। शादी बचाने के लिए वह ससुरालियों की प्रताड़ना सहती रही।
मंतशा का आरोप है कि वह दोबारा गर्भवती हुई तो ससुरालियों ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। ऐसा न करने पर छोड़ने की धमकी दी गई। उसके विरोध करने पर शनिवार को सास, ससुर और देवर ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे चार पहिया वाहन में बैठाकर गुलौली स्थित मायके ले आए और वहां भी मारपीट की।
शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी दोबारा ससुराल में न आने की धमकी देकर वहां से चले गए। रविवार को विवाहिता ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से शिकायत की। कोतवाली प्रभारी अजय ब्रह्म तिवारी ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
