आटा। पांच दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से आटा समेत आसपास के गांवों में तिल की फसल पानी में डूब गई है। आटा क्षेत्र में 200 बीघा से अधिक तिल की फसल जलमग्न होने का अनुमान है। वहीं संदी, अकोढ़ी, पिपरायां और अकबरपुर इटौरा में भी सैकड़ों बीघा फसल बारिश की चपेट में आ गई है।
किसानों का कहना है कि इस बार कम बारिश का अनुमान होने के कारण उन्होंने बड़े पैमाने पर तिल की बुआई की थी। फसल भी अच्छी खड़ी थी, लेकिन लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया। बुधवार सुबह हुई बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गई। खेतों में पानी का स्तर बढ़ने से तिल की फसल के सड़ने की आशंका बनी हुई है।
आटा निवासी किसान अखिल तिवारी ने बताया कि उन्होंने 80 बीघा में तिल की बोआई की थी, जिसमें करीब 30 से 40 बीघा फसल पानी में डूब गई है। किसान रामप्रकाश की 15 बीघा फसल भी बारिश की चपेट में आ गई। वहीं लक्ष्मीविलास तिवारी और राजेंद्र तिवारी की तिल की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। राजेंद्र तिवारी की करीब दस बीघा फसल पानी में खराब होने की कगार पर है।
किसानों के मुताबिक खेतों से पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। बारिश का पानी खेतों में भरा होने से फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। संदी, अकोढ़ी, पिपरायां और अकबरपुर इटौरा समेत आसपास के गांवों में भी बड़ी मात्रा में तिल की फसल जलमग्न हुई है।
