कालपी। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। दोपहर में जलस्तर 99.10 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि अभी यह चेतावनी बिंदु 102 मीटर से करीब तीन मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अगले एक-दो दिन जलस्तर बढ़ सकता है, लेकिन फिलहाल बाढ़ की आशंका नहीं है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी रूपेश कुमार ने बताया कि राजस्थान के झालावाड़ स्थित कालीसिंध नदी में पानी कम होने लगा है। ऐसे में यमुना का जलस्तर 102 मीटर से ऊपर पहुंचने की संभावना कम है। यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर है।
गत वर्ष 13 अगस्त को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था, जबकि इस वर्ष बारिश भी अपेक्षाकृत कम हुई है। इससे यमुना तलहटी में खरीफ की फसल बोने वाले किसानों को फिलहाल राहत है। हालांकि जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि बारिश के साथ कहीं से पानी छोड़ा गया तो स्थिति मुश्किल हो सकती है।