उरई। शहर कोतवाली क्षेत्र के झांसी रोड निवासी मंदाकिनी गुप्ता ने 17 अगस्त को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे की अदालत में वाद दायर कर शंकराचार्य के इशारे पर पुलिस द्वारा मारपीट और बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। महिला ने लखनऊ के आशियाना थाने और एट कोतवाली में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट ने मामले में थाने से आख्या तलब की है। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
महिला के मुताबिक उसे दैवीय शक्ति से संबंधित कुछ अनुभव हुए थे, जिसकी पुष्टि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने की थी। लिखित पत्र नहीं मिलने पर वह 11 मार्च 2026 को लखनऊ के कांशीराम सांस्कृतिक स्थल पहुंची थी। आरोप है कि वहां शंकराचार्य ने अपने शिष्यों को इशारा कर पुलिस से उसे पकड़वा दिया और आशियाना थाने भेज दिया।
महिला ने आरोप लगाया कि थाने में उसे तीन से चार घंटे तक रोके रखा गया। महिला पुलिसकर्मी अंजली कुशवाहा और उपनिरीक्षक सिद्धि मिश्रा पर मारपीट और लाठी से पीटने का आरोप लगाया है। उसने घटना की पुष्टि के लिए थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की 11 मार्च की दोपहर 12 से दो बजे तक की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। महिला के अनुसार, उसने घटना के दिन हजरतगंज कोतवाली और बाद में पांच मई को मुख्यमंत्री दरबार में भी शिकायत की थी।
महिला ने वाद में आरोप लगाया कि 30 मई को वह एट के एक गेस्ट हाउस में दोबारा शंकराचार्य से मिलने पहुंची थी। आरोप है कि वहां भी पुलिस को इशारा कर उसे जबरन एट कोतवाली ले जाया गया। महिला के अनुसार, उसे करीब चार घंटे तक भूखा-प्यासा रखा गया और मोबाइल भी ले लिया गया। तत्कालीन थाना प्रभारी पंकज पांडेय पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने और दबाव में प्रपत्रों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है।
महिला ने बताया कि उसने 22 जून को राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग समेत अन्य अधिकारियों को भी प्रार्थनापत्र भेजे थे। कार्रवाई न होने पर उसने अदालत का रुख किया। कोर्ट ने थाने से आख्या रिपोर्ट तलब की है और 24 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी।
इस मामले में अभी तक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, पत्र मिलते ही आख्या भेज दी जाएगी। – शिवशंकर सिंह , थाना प्रभारी
