उरई। जिले में स्वाइन फ्लू के पांच मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। लक्षण वाले आठ और मरीजों के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे गए हैं। इनमें सात मरीजों के सैंपल राजकीय मेडिकल कॉलेज और एक मरीज का सैंपल जिला अस्पताल से भेजा गया है। रिपोर्ट आने तक इन मरीजों की निगरानी की जा रही है।
सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद ने बताया कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि वाले पांचों मरीजों की हालत भी सामान्य है। नए आठ संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे गए हैं। सभी मरीजों को चिकित्सीय निगरानी में रखा जाएगा। पांच दिन तक उनकी विशेष निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के पांच मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लक्षण वाले मरीजों की जांच पर जोर दिया है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखी जा रही है। संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि संक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सके।
अस्पतालों में भीड़, बचाव में लापरवाही
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बावजूद सरकारी अस्पतालों में मरीज और तीमारदार बचाव को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। अस्पतालों की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग बिना मास्क के ही आवाजाही कर रहे हैं। यही स्थिति अस्पतालों में तैनात कई स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भी दिखाई दे रही है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी में 1579 मरीज पहुंचे। बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ होने के बावजूद मास्क का इस्तेमाल कम दिखाई दिया। वहीं 275 मरीजों की पैथोलॉजी जांच कराई गई।
बीमारी को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें, खांसते या छींकते समय मुंह ढकें और लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। पुष्टि वाले मरीजों की हालत ठीक है, लेकिन संक्रमण को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है।
– डॉ. एचएन प्रसाद, सीएमओ
