मोहम्मदाबाद। छुट्टा मवेशियों और मौसम की मार से हुई गेहूं और मटर की बर्बादी ने एक बीएड के विद्यार्थी को खेती में कुछ अलग करने की ऐसी प्रेरणा दी कि उसने दो हेक्टेयर से ज्यादा में ‘थाई ग्रीन एपल बेर’ के पौधे लगा दिए।
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खबर वहीं जो सत्य हो©
मोहम्मदाबाद। छुट्टा मवेशियों और मौसम की मार से हुई गेहूं और मटर की बर्बादी ने एक बीएड के विद्यार्थी को खेती में कुछ अलग करने की ऐसी प्रेरणा दी कि उसने दो हेक्टेयर से ज्यादा में ‘थाई ग्रीन एपल बेर’ के पौधे लगा दिए।
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