पर्वत सिंह बादल ब्यूरो चीफ जालौन ✍️
(उरई जालौन) उरई आज: बुंदेलखंड की धरती जनपद जालौन ने कृषि विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल पर अपना परचम लहराकर जनपद का गौरव बढ़ाया है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC) में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में मा. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिलाधिकारी समीर को सम्मान प्रदान किया। यह उपलब्धि किसानों की पैदावार बढ़ाने, खेती की लागत को नियंत्रित करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाती है।देश के 100 आकांक्षी कृषि जिलों में शामिल जालौन में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, कृषि ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्य किया गया। जिलाधिकारी के नेतृत्व में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, सिंचाई और बैंकिंग सहित संबंधित विभागों ने किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को अपनी भूमि की उर्वरता समझने तथा आवश्यकता के अनुरूप खाद एवं उर्वरकों का उपयोग करने में मदद करते हैं। उन्नत एवं प्रमाणित बीजों, कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से उत्पादन बढ़ाने तथा खेती की लागत कम करने की संभावनाएं मजबूत होती हैं। योजना के अंतर्गत किसानों को समय पर संस्थागत बैंक ऋण उपलब्ध कराना भी कृषि विकास का महत्वपूर्ण आधार है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सहित विभिन्न ऋण सुविधाओं के माध्यम से पात्र किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण, सिंचाई तथा अन्य कृषि आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलता है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसान बुवाई से लेकर फसल की देखभाल तक आवश्यक निवेश कर सकते हैं और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनते हैं। इससे साहूकारों पर निर्भरता कम करने, कृषि कार्यों के लिए पूंजी की उपलब्धता बढ़ाने तथा उपज की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में सुधार के अवसर मिलते हैं। बेहतर भंडारण और उचित विपणन की सुविधाओं के साथ किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकते हैं। पशुपालकों और मत्स्य पालकों को संस्थागत ऋण से जोड़ने के प्रयास भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। वहीं, कृषि यंत्रीकरण, कस्टम हायरिंग सेंटर और ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल से खेती को अधिक आधुनिक एवं सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहल महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि सेवाओं से जोड़कर ग्रामीण आजीविका के नए अवसर विकसित करने में सहायक है। बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संरक्षण खेती की सफलता के लिए विशेष महत्व रखता है। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकें पानी का बेहतर उपयोग करने में सहायक हैं। इसके साथ ही गोदामों, सहकारी समितियों और कृषि अवसंरचना का विकास किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के अवसर प्रदान करता है।
जिलाधिकारी समीर ने इस उपलब्धि को किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। जनपद में कृषि विकास की प्राथमिकता किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मिला यह राष्ट्रीय सम्मान जनपद जालौन के लिए गौरव का विषय है। इससे जिले के कृषि विकास प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिली है। बेहतर कृषि तकनीक, समय पर बैंक ऋण, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
