जिला अस्पताल में अमरनाथ यात्रा के लिए स्वास्थ्य परीक्षण करने और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर तय शुल्क से ज्यादा वसूली का मामला सामने आया है। हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों पर मिलीभगत से श्रद्धालुओं से पैसे लेने और बिना जांच के प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप है। बुधवार को मामले का खुलासा करने वाले युवक से आरोपी कर्मी ने अभद्रता करते हुए हाथापाई कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला अस्पताल में रूम नंबर-59 में विशेष काउंटर संचालित है। यहां ईसीजी, ब्लड टेस्ट, शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच के बाद रोजाना करीब 30 स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। इसके लिए 256 रुपये का शुल्क तय है, जिसकी रसीद भी दी जाती है। इसके बावजूद कई दिनों से 400 से 800 रुपये तक अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। बुधवार को दतिया गेट निवासी ऋषभ साहू स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे। आरोप है कि हेल्प डेस्क कर्मी ने उनसे 400 रुपये मांगे। ऋषभ ने 200 रुपये दिए और बाकी बाद में देने की बात कही। कुछ देर बाद कर्मी प्रमाणपत्र लेकर आया और जल्द बनवाने के नाम पर 600 रुपये की मांग करने लगा। इस पर विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।

बिना सरकारी फीस जारी किया प्रमाण पत्र

मौके पर पहुंचे प्रशांत साहू ने भी 400 रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। जांच के दौरान एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना ने रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि प्रशांत से पैसे लेकर प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया, जबकि सरकारी फीस जमा नहीं की गई थी। इतना ही नहीं, बिना किसी जांच के ही चिकित्सक से मुहर लगवाकर प्रमाणपत्र दे दिया गया। सीओ लक्ष्मीकांत गाैतम का कहना है कि विवाद की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। अभी तक इस संबंध में लिखित शिकायत नहीं मिली है।

गुमराह कर कराए हस्ताक्षर

स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर करने वाले डॉ. मुकेश सिंह ने बताया कि हेल्प डेस्क कर्मी संजय ने आवेदकों को फिजियोथेरेपी विभाग के कर्मचारी का रिश्तेदार बताकर जांच रिपोर्ट रिकॉर्ड में चढ़ाने की बात कही। इस पर विश्वास कर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए।

सख्ती पर कर्मी ने कबूली गलती

एसआईसी की सख्त पूछताछ के दौरान हेल्प डेस्क कर्मी ने रुपये लेने की बात स्वीकार करते हुए माफी मांगी।

इनका यह है कहना

अमरनाथ यात्रा के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के नाम पर वसूली के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. आरके सक्सेना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले ये भी जानें

256 रुपये में जिला अस्पताल से बनता है स्वास्थ्य प्रमाणपत्र

150 रुपये में पंजीकरण एसबीआई और यश बैंक से

150 लोगों का हर दिन औसतन पंजीकरण

21 अगस्त- तक पंजीकरण की आखिरी तिथि



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