उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल और इंटर के घोषित परिणाम में मुरादाबाद जिले ने एक नई तस्वीर पेश की है। इस बार मेरिट लिस्ट में गांव और कस्बों के छात्रों का दबदबा रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर सफलता की नई कहानी लिखी है।




UP Board Results: Toppers Emerge from Villages; Daughters Transform the Landscape in Moradabad—Hard Work

बिलारी में शिखा दक्ष को मिठाई खिलाते परिजन
– फोटो : अमर उजाला


बृहस्पतिवार को आए परिणाम की मेरिट लिस्ट में गांव और कस्बों के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन कर शहर ही आगे है वाली धारणा तोड़ दी। दोनों कक्षाओं में गांवों के छात्र-छात्राओं ने टॉप लिस्ट में जगह बनाकर सबको चौंका दिया।


UP Board Results: Toppers Emerge from Villages; Daughters Transform the Landscape in Moradabad—Hard Work

मुरादाबाद में परीक्षा परिणाम आने के बाद जश्न मनाते छात्राएं
– फोटो : अमर उजाला


हाईस्कूल में शिखा दक्ष ने 96.83% अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। बिलारी के डॉ. डीपीएसवीएम इंटर कॉलेज की इस छात्रा ने पूरे जिले में बाजी मारी। कांठ क्षेत्र के एमडीआईसी पट्टी मौढ़ा का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यहां की कनक सिंह 96.17%, अमृता सिंह 95.50%, अरीबा 94.50% और शुमैला परवीन 94.50% ने टॉप लिस्ट में जगह बनाई।


UP Board Results: Toppers Emerge from Villages; Daughters Transform the Landscape in Moradabad—Hard Work

छात्र का मुंह मीठा करते परिजन
– फोटो : अमर उजाला


इसी तरह पब्लिक इंटर कॉलेज के मोहम्मद जैद 96.17% और बाबू राम शर्मा मेमोरियल इंटर कॉलेज के नितिन 95.83% भी टॉपर्स में शामिल रहे। बिलारी और कुंदरकी क्षेत्र के स्कूल डॉ. डीपीएसवीएम इंटर कॉलेज और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।


UP Board Results: Toppers Emerge from Villages; Daughters Transform the Landscape in Moradabad—Hard Work

बिलारी में खुशी मनाते शिक्षक और छात्र-छात्राएं
– फोटो : अमर उजाला


इंटरमीडिएट के परिणामों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। जिले के टॉपर्स में अधिकतर छात्र-छात्राएं कस्बाई और ग्रामीण स्कूलों से रहे। इस बार के परिणाम की एक और खास बात यह रही कि कई टॉपर्स ने बिना बड़े कोचिंग संस्थानों के ही सफलता हासिल की। गांवों में रहकर, सीमित संसाधनों और स्कूल की पढ़ाई के भरोसे छात्रों ने मेरिट में जगह बनाई।




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