अमृत पेयजल योजना के तहत करीब 600 करोड़ रुपये खर्च करके महानगर के विभिन्न इलाकों में पेयजल लाइन बिछाई गई। इस योजना की समय सीमा खत्म हो गई लेकिन, काम अब तक अधूरा है। हालत यह है कि तमाम मोहल्लों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने एवं टंकी बनाने में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद नानकगंज, चमनगंज, कोयल वाली गली, प्रेमगंज समेत सीपरी बाजार के कई मोहल्लों में आधी रात के बाद दो बजे से पानी आना शुरू होता है। यहां रहने वालों की नींद आज भी आधी रात के बाद आने वाले पानी की बूंद से टूटती है।
रात के दो बजे के बाद जैसे ही नल में पानी आने की आहट होती है, सीपरी बाजार के इन मोहल्लों में सो चुके लोग फिर से उठ खड़े होते हैं। दिनभर सामान्य दिखने वाले इन मोहल्लों की असली हलचल आधी रात के बाद शुरू होती है। रेलवे से सेवानिवृत्त हुए टंडन रोड निवासी पीडी रजक कहते हैं कि पिछले कई दशक से यहां आधी रात के बाद ही पानी आता है। नई योजना आरंभ होने से स्थानीय लोगों में सुबह-शाम पानी आने की उम्मीद बंधी थी लेकिन, पाइप लाइन बिछने के बाद भी आपूर्ति का समय नहीं सुधरा। पानी भरने के लिए आधी रात के बाद उठना पड़ता है। कई परिवार में इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाती है।
नानक गंज निवासी दिनेश रायकवार का कहना है कि करीब चार दशक से यह व्यवस्था चल रही है। अमृत योजना से भी इसका समाधान नहीं हुआ। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता उमेश प्रसाद का कहना है कि नई योजना से अभी पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। पानी पर्याप्त मिलने के बाद इन सभी इलाकों में सुबह-शाम जलापूर्ति आरंभ कराई जाएगी।
गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत
गर्मी शुरू होते ही महानगर के 60 वार्डों में 30 से अधिक वार्डों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। बड़ागांव गेट के बाहर, सराय मोहल्ला, दरीगरान, भांडेरी गेट, सिजरिया कॉलोनी, अलीगोल, कसाई मंडी, ओरछा गेट, आईटीआई जैसे इलाकों में लोगों को नियमित पानी नहीं मिल रहा है। प्रेमनगर इलाके का भी यही हाल है। इसी तरह ताज कंपाउंड, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, चार खंभा, बाहर उन्नाव गेट, ऋषिकुंज स्कूल के पास, मास्टर कॉलोनी समेत अन्य मोहल्लों में लोग इस बार भी टैंकरों के ही भरोसे हैं। सत्यम कॉलोनी में लोगों को साइकिल, ठेला और गाड़ियों से पानी ढोकर लाना पड़ रह है। नई बस्ती में चांद दरवाजे मोहल्ले में भी पानी नहीं आ रहा। करीब पांच सौ आबादी वाले इस मोहल्ले में सिर्फ एक हैंडपंप है। गर्मी में पानी नीचे उतर जाने से वह भी काम नहीं कर रहा। पंचकुंइया के पास की पाइप लाइन से पानी मिलता था, अब वह भी नहीं मिल रहा है।
इनका यह है कहना
सीपरी बाजार के कई मोहल्लों में अमृत योजना का फायदा नहीं हुआ। आधी रात के बाद अभी भी थोड़ी बहुत पानी की आपूर्ति होती है। इससे हजारों लोग परेशान रहते हैं। जल निगम और जल संस्थान के अफसर इस समस्या को दूर करने का भरोसा दिलाते हैं लेकिन, आज तक आपूर्ति नहीं सुधारी गई। उमेश जोशी, पार्षद
पानी नहीं आता है। सुबह से पानी भरकर लाना पड़ता है। कई बार पानी लाने के चक्कर में बच्चों को स्कूल जाने में भी देरी हो जाती है।-— पुष्पा
हम लोगों के घरों के पास पाइप लाइन ही नहीं बिछी। इस वजह से गर्मियों में पानी की परेशानी होती है। रोजाना काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। पिस्ता देवी
पानी की समस्या की कई बार शिकायत कर चुके। कोई सुनवाई नहीं होती। गर्मी में पानी की समस्या बढ़ गई। प्रभा देवी
दो किलोमीटर दूर से ऑटो करके पानी लाते हैं। मोहल्ले में दो हैंडपंप लगाए जाएं, तब पानी की समस्या कुछ हद तक दूर हो सकती है। मालती अहिरवार
