जिला अस्पताल में मरीजों की जांच बाहर से कराने का मामला सामने आया है। अस्पताल के लैब टेक्नीशियन ने कैंसर पीड़ित की अस्पताल में निशुल्क सीबीसी जांच कराने के बजाय उससे दो रुपये लेकर बाहर जांच करा दी। शिकायत में मामला सही पाए जाने पर लैब टेक्नीशियन ने रुपये लौटा दिए। वहीं, एसआईसी ने लैब टेक्नीशियन को ब्लड बैंक से संबद्ध किया है।
कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति कैंसर पीड़ित है। बृहस्पतिवार को डॉक्टर ने उनकी खून संबंधी जांचें लिखीं। वह पत्नी के साथ जांच कराने के लिए जिला अस्पताल की लैब पहुंचे। आरोप है कि लैब टेक्नीशियन सच्चिदानंद मिश्रा ने कुछ जांच के सैंपल ले लिए और सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंट) की जांच बाहर से कराने के लिए 200 रुपये ले लिए। कैंसर पीड़ित की पत्नी ने कैंसर व किडनी रोगियों की जांचें निशुल्क होने की बात कही तो तर्क दिया कि यह जांच निजी लैब में ही होगी।
इस पर महिला ने जांच कराने के लिए 200 रुपये दे दिए। महिला ने एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना से शिकायत की। इस पर जब लैब टेक्नीशियन को बुलाकर पूछताछ की तो उसने रुपये लेकर निजी लैब में जांच कराने की बात स्वीकार की। मामला फंसता देख उसने तुरंत 200 रुपये लौटा दिए।
एसआईसी डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि लैब टेक्नीशियन सच्चिदानंद मिश्रा ने निजी लैब से मिलीभगत के चलते कैंसर पीड़ित से रुपये लेकर बाहर जांच कराई। इससे पूर्व भी उनकी इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं। मामले की गंभीरता को देख उन्हें तत्काल प्रभाव से ब्लड बैंक से संबद्ध कर दिया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सख्त कार्रवाई की मांग की
डॉ. आरके सक्सेना ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य किसी काम से कार्यालय आए थे। तभी महिला ने आकर जांच के नाम पर रुपये लेने की शिकायत की। जिस पर उन्होंने लैब टेक्नीशियन पर कार्रवाई की मांग की है।
