रसोई में कप, टिफिन, वॉटर कूलर, बोतल समेत अन्य बर्तन प्लास्टिक के हैं तो तत्काल इन्हें बाहर करिए। ये आपके आंगन में किलकारी गूंजने में बाधक हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों के शोध में सामने आया है कि रोजाना दो सिम (मोबाइल सिम) के बराबर प्लास्टिक पेट में पहुंचकर हॉर्मोंस को गड़बड़ा रहा है। इससे महिलाओं की कोख सूनी रहने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
स्त्री रोग विभाग में 20 से 40 साल की 352 महिलाओं (230 शहरी और 122 ग्रामीण) पर शोध किया गया। इनमें 240 गृहिणी और 112 कामकाजी रहीं। 176 संतान वालीं (128 के एक और 48 के दो बच्चे) और 176 महिलाएं बांझपन से पीड़ित रहीं। सितंबर 2024 से मार्च 2026 तक किए शोध में इनके रक्त-यूरिन की हर तीन महीने में दिल्ली की मेडिकल रिसर्च यूनिट की लैब में जांच कराई। इसमें बांझपन पीड़ित महिलाओं में अधिकतम 5.24 प्रति लीटर बिस्फेनॉल-ए रसायन (बीपीए) और बाकी में 1.5 प्रति लीटर मिला।