ऑनलाइन सट्टा कारोबार को ‘खादी’ और ‘खाकी’ का संरक्षण मिलने के आरोप शुक्रवार को सटीक साबित हुए। भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों में खलबली मची तो शुक्रवार को पॉश कालोनी रॉयल सिटी में हुई छापामार कार्रवाई में सिपाही रजत का नाम आने से खाकी भी दागदार हो गई। इससे पहले भी जुआ व सट्टे को लेकर खादी और खाकी पर संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन कार्रवाई न होने से संरक्षण देने वाले धीरे-धीरे सट्टा गिरोह के लिए संजीवनी बन गए।
पुलिस की मुश्किलें बढ़ी
पुलिस के ऑपरेशन-720 के बीच खाकी के भी नेटवर्क से तार जुड़ने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महानगर में एक दशक से जुआ व सट्टे का कारोबार चोरी-छिपे कुछ थानों में सक्रिय था। खादी का संरक्षण मिला तो आईपीएल मनोरंजन के साथ सट्टा गिरोह के लिए मोटी कमाई का जरिया बन गया। आपराधिक तत्वों के अलावा सफेदपोश भी खुलकर मदद में उतर आए। इधर, पुलिस का संरक्षण मिला तो सट्टा कारोबार चोरी-छिपे न होकर खुलकर पॉश कॉलोनियों तक फैल गया। गली-मोहल्लों तक से दबी जुबान से आवाज निकलने लगी तो उच्चाधिकारियों के आदेश पर ऑपरेशन-720 शुरू हुआ। छिटपुट कार्रवाई के बीच भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई।
ऑपरेशन 720 की ताबड़तोड़ कार्रवाई
इसी बीच शुक्रवार रात रॉयल सिटी में हुई छापामार कार्रवाई में सिपाही रजत का नाम आने के साथ करोड़ों रुपये की चांदी, सोना व नगदी बरामद होने से खाकी की संलिप्तता भी सामने आ गई। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि सट्टा गिरोह में कोई भी शामिल होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
