बदमाशों की गोली लगने से घायल आढ़ती प्रशांत गुप्ता (52) की छह दिन बाद इलाज के दौरान बुधवार रात को मौत हो गई। उनका गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। परिजन शव लेकर झांसी आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमेश गुप्ता के भतीजे प्रशांत गुप्ता को 12 अगस्त की रात झांसी-कानपुर हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने लूट के इरादे से गोली मार दी थी। प्रशांत की भोजला मंडी में आढ़त है, वह देर शाम दुकान बंद कर स्कूटी से घर लौट रहे थे। गोली लगने के बावजूद वह खुद स्कूटी चलाकर पीतांबरा अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उनकी पीठ में लगी गोली सर्जरी करके निकाल दी थी। इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन प्रशांत को 16 अगस्त की शाम को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले गए, जहां बुधवार की रात 11:20 बजे इलाज के दौरान प्रशांत की मौत हो गई। प्रशांत की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे ने बताया कि प्रशांत की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
गोली मारने वाले पुलिस मुठभेड़ में हो चुके गिरफ्तार
आढ़त कारोबारी प्रशांत गुप्ता को गोली मारकर भागे बदमाशों की 15 अगस्त की देर रात पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। इसमें आढ़ती के यहां पल्लेदारी करने वाला दतिया के सिरसा गांव निवासी शिवम कुशवाहा व सुरेंद्र कुशवाहा, निवाड़ी के कुम्हर्रा गांव निवासी आकाश कुशवाहा और दतिया के भांडेर रोड अटल बिहार कॉलोनी निवासी प्रद्युम्न कुशवाहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वारदात के मास्टर माइंड शिवम कुशवाहा ने ही दोस्त सुरेंद्र कुशवाहा पर करीब एक लाख रुपये का कर्ज होने पर आढ़ती को लूटने की साजिश रची थी।
